Monday, 12 November 2018

चेहरा

आँख खोलते ही दुनिया में,
हमें पेहचान दिलाता है चेहरा ,
वक़्त के साथ कभी बदलता है,
तो कभी वही ठहर जाता है चेहरा!!

कभी खुशी मिल जाने पर ,
फूल की तरह खिल जाता है चेहरा,
तो कभी दुःखी या मायूस होने पर,
चाँद की तरह उतर जाता है चेहरा!!

आशिक़ को दीवाना बनाता है चेहरा,
आँख से नींद उड़ाता है चेहरा,
बेकरार करके होश उड़ाता है चेहरा,
सनम की झलक पाकर सुकून पाता है चेहरा!!


भीड़ में कभी खो जाता है चेहरा,
बेगुनाह होकर भी सज़ा पा जाता है चेहरा,
अच्छाई और सच्चाई से जीत भी जाता है चेहरा,
हौसले अगर बुलन्द हो तो शौहरत भी दिलाता है चेहरा!!

दुनिया में हमारी पहचान है चेहरा,
खूबसूरती का दूसरा नाम है चेहरा,
जिसे खुदा ने अपने हाथों से बनाया वो,
खुदा की खुदरात का कमाल है चेहरा!!


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