Friday, 8 February 2019

"चाय"

"चाय"

सुबह-सुबह जगती है "चाय" 
आँखों से नींद उड़ाती है "चाय" 
जिस्म से सुस्ती भगती है "चाय" 
दिन की शुरुवात कराती है "चाय" !!

नाश्ते के बाद आती है "चाय" 
नाश्ते को मुक़ामिल बनाती है "चाय" 
अपनी महक से दिल लुभाती है "चाय" 
हर एक चुस्की में मज़े दिलाती है "चाय" !!


"चाय"
"चाय"
 

काम की थकावट को दूर हठाती है "चाय" 
एक नया ताज़ा एहसास जिस्म में जगती है "चाय" 
दोस्तों के साथ बातचीत बढ़ाती है "चाय" 
तो कभी नयी दोस्ती की शुरुवात बन जाती है "चाय" !! 

ठंड के मौसम में साथी बन जाती है "चाय" 
जिस्म में गरमी जगा जाती है "चाय" 
बारिश के मौसम में महक उठती है "चाय" 
पकोड़ों संग साज उठती है "चाय" !!

"चाय"
"चाय"
 
अनजानों से बातचीत बढ़ाती है "चाय" 
नये रिश्ते पल में बनाती है "चाय" 
बच्चों से बड़ों तक पसंद आती है "चाय" 
हर एक के दिल में अपनी जगह बनाती है "चाय" 

अपनी ज़िन्दगी को "चाय" की तरह बनायें 
प्यार के रंग और रिश्तों की मिठास से सजाये !!

7 comments:

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  3. Wah kya bat hai shairu 😊😊
    I love tea
    I can't live without tea
    I m soo crazy about tea, 😘😘😘😘

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    1. Thank you, This post is dedicated to you...Danish Khan

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  4. Wow.. luvly.. I love tea...!!!

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  5. subah subah ek garam chai ki pyali hoo....

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